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उपभोक्ता सम्बन्धी मामलों पर विभिन्न न्यायालयों द्वारा दिए न्यायों की संक्षिप्त जानकारी

झूठी शिकायत पर हुआ जुर्माना

उपभोक्‍ता कानून का मुख्‍य उद्देश्‍य उपभोक्‍ताओं के हितों की रक्षा करना है, लेकिन उपभोक्‍ता न्‍यायालयों के समक्ष कई बार ऐसी भी शिकायतें आती हैं जिनका उद्देश्‍य महज परेशान करना या धन ऐंठना होता है। ऐसी ही एक शिकायत झूठी पाए जाने पर हिमाचल प्रदेश राज्‍य उपभोक्‍ता आयोग, शिमला ने शिकायतकर्ता पर जुर्माना ठोंक दिया।

लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत मण्‍डी निवासी योगेश चन्‍द्र ने अपने एक मकान का बीमा दस वर्षों के लिए 30 लाख रू0 कवरेज का करवाया था। मकान 19-07-2013 को भारी वर्षा व भूस्‍खलन के चलते क्षतिग्रस्‍त हो गया था। लेकिन क्‍लेम न मिलने पर 20-08-2014 को ओरेण्‍टल इंश्‍योरैंस कम्‍पनी के खिलाफ उपभोक्‍ता न्‍यायालय में शिकायकत दर्ज करा दी।

बीमा कम्‍पनी का न्‍यायालय में कहना था कि शिकायतकर्ता ने तथ्‍यों को छिपाने के बाद मकान का बीमा करवाया था इसलिए कोई भी क्‍लेम नहीं बनता। परिवादी किसी भी तरह के मुआवजे का हकदार नहीं है। राज्‍य आयोग के अध्‍यक्ष ने साक्ष्‍यों व तथ्‍यों के जांच-पड़ताल करने के बाद अपने फैसले में स्‍पष्‍ट किया कि दि0 17-07-2013 को मकान का बीमा कराते समय तथ्यों को छिपाया गया था! बीमा कम्पनी के विकास अधिकारी गुलेर सिंह ने मकान का सत्यापन किए बिना ही लोक निर्माण विभाग के एक ठेकेदार मनु अवरोल के कहने पर बीमा कवर कर दिया! बीमा की राशि भी दि0 17-07-2013 को ठेकेदार मनु अवरोल ने ही जमा की थी। बीमा का कवरनोट 17-05-2013 का है जो बीमा की रकम जमा करने से पूर्व ही जारी कर दिया गया। इसके बाद दि0 19-07-2013 को मकान क्षतिग्रस्‍त हो जाता है इसका सीधा सा मतलब है कि शिकायत पूरी तरह से झूठी है। आयोग ने उपभोक्‍ता अधिनियम की धारा 26 के तहत कार्यवाही करते हुए रू0 10,000 बतौर खर्चा रद्द कर दिया। न केवल इतना ही बल्‍क‍ि आयोग ने मुख्‍य अभियन्‍ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग को शिकायतकर्ता के खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के लिए लिखा, क्‍योंकि योगेश चन्‍द्र वहां बतौर सहायक अभियन्‍ता कार्यरत थे। इस अधिकारी ने अपने पद का दुरूपयोग किया, ठेकेदार मनु अवरोल् व बीमा कम्‍पनी के विकास अधिकारी गुलेर सिंह के साथ मिलकर इंश्‍योरैंस कम्‍पनी से रू0 तीस लाख हड़पने का प्रयास किया।

 

वाद संख्याः  CC/19/2014

योगेन्द्र चन्‍द्र  बनाम  ओरेण्‍टल इंश्‍योरैंस कम्‍पनी

निस्तारितः 29-04-2015

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The Author

Ravi Srivastava

विधि व्यवसाय से तकरीबन 16 वर्षों से जुड़े रहे हैं खासकर उपभोक्ता मामलों और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आपने अनेक मामलों में गुत्थियों को सुलझाया है, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े रहे हैं सरकारी सहयोग के माध्यम से निवेशकों हेतु जागरुकता कार्यक्रम भी संचालित किए. अब इस मंच के जरिए दूरदराज बैठे अपने पाठ्कों को उपभोक्ता मामलों से जुड़े न्याय निर्णयन से अवगत कराना और उनकी समस्याओं का समाधान करना ही लक्ष्य है. वकालत के पेशे से जुड़े तमाम लोग इस पुनीत कार्य में बिना किसी स्वार्थ के आपके साथ हैं EMail ID- ravi_sriv@rediffmail.com, EMail ID- enquiry@consumerforumonline.in

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