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उपभोक्ता सम्बन्धी मामलों पर विभिन्न न्यायालयों द्वारा दिए न्यायों की संक्षिप्त जानकारी

ATM में पैसे न होने पर स्‍टेट बैंक पर लगा जुर्माना

कहीं भी जाओ ATM मशीन जरूर मिल जाती है। ATM मशीन की वजह से धन निकासी बहुत आसान व सरल हो गई है। लेकिन खीज तब होती है जब ATM पर पहुंचने के बाद पता चलता है कि ATM में पैसे ही नहीं हैं। हरदा मध्‍य प्रदेश की महाराणा प्रताप कालोनी में रहने वाले एक वकील साहब राजीव अग्रवाल के साथ भी ऐसा ही हुआ तो उन्‍होंने स्‍टेट बैंक को सबक सिखाने की ठान ली।

राजीव जी ने अपने नजदीकी स्‍टेट बैंक ATM पर अलग-अलग तिथियों पर जाकर पैसे निकालने का प्रयास किया लेकिन हमेशा स्‍क्रीन पर लिखकर आ जाता Cash Not Available , राजेीव जी ने प्रत्‍येक इस तरह के मैसेज की मोबाइल से फोटो ली और अपनी शिकायत ईमेल से बैंक को भेजी। किसी तरह की कोई सुनवाई न होने पर उन्‍होंने बैंक पर लापरवाही पूर्ण व्‍यवहार व सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए एक शिकायत उपभोक्‍ता फोरम, हरदा में दर्ज करा दी।

शिकायत की सुनवाई पर विपक्षी बैंक ने अपने बचाव के लिए तमाम तर्क फोरम के समक्ष रखे। बैंक का कथन था कि शिकायतकर्ता पैसे न होने पर पास के किसी अन्‍य ATM में पैसे निकालने जा सकता था। ATM एक मशीन है न कि मानवीय सेवा, इंटरनेट कनेक्‍टविटी के कारण भी Cash Not Available का मैसेज आ सकता है। ATM मशीन में पर्याप्‍त पैसे थे। शिकायतकर्त के पैसे निकाले जाने से पूर्व व बाद में सफल लेनदेन एटीएम से हुआ है। इसलिए ये कथन की एटीएम में पैसे नहीं हैं व सेवा में कमी है, पूरी तरह से गलत है। स्‍टेट बैंक ने ये भी कहा कि Cash Not Available Please visit Nearby State Bank ATM का मैसेज स्‍क्रीन पर आ जाता है। राजीव जी जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। शिकायतकर्ता पर रू 25000 का जुर्माना लगाते हुए शिकायत निरस्‍त की जानी चाहिए।

फोरम ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। फोरम ने कहा कि परिवादी को जो ATM जारी किया गया था उसका वार्षिक शुल्‍क विपक्षी बैंक द्वारा वसूला जाना ये साबित करता है कि परिवादी और प्रतिपक्ष बैंक के मध्‍य उपभोक्‍ता एवं सेवा प्रदाता के संबंध हैं। फोरम ने ये भी कहा कि Cash Not Available Please visit Nearby State Bank ATM का मैसेज तब आता है जब कैश मशीन में नहीं रहता जबकि इंटरनेट कनैक्‍टविटी के न रहने पर Temporarily Out of Service का मैसेज दर्शित होता है। ATM मशीन से राशि प्राप्‍त न होना ये दर्शाता है कि परिवादी द्वारा ATM कार्ड संबंधी सुविधा समय, नगदी सुरक्षा एवं बैंक में आवागमन में बचत हेतु आवश्‍यक शुल्‍क भुगतान किए जाने के बाद भी प्राप्‍त नहीं हुई जो प्रतिपक्ष बैंक की सेवा में कमी साबित करता है।

फोरम ने उपरोक्‍त तथ्‍यों के आधार पर स्‍टेट बैंक को सेवा में कमी का दोषी पाते हुए मानसिक संत्रास के रू 1500 आदेश के तीस दिनों के भीतर अदा किए जाने के साथ-साथ रू 1000 वाद व्‍यय के रूप में भुगतान परिवादी को करने का आदेश पारित कर दिया।

वाद संख्याः  164/2017

राजीव अग्रवाल, हरदा (म0प्र0)  बनाम  शाखा प्रबन्‍धक, भारतीय स्‍टेट बैंक, हरदा म0 प्र0

निस्तारितः 07-09-2017

 

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Updated: September 13, 2017 — 5:36 am

The Author

Ravi Srivastava

विधि व्यवसाय से तकरीबन 16 वर्षों से जुड़े रहे हैं खासकर उपभोक्ता मामलों और सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आपने अनेक मामलों में गुत्थियों को सुलझाया है, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े रहे हैं सरकारी सहयोग के माध्यम से निवेशकों हेतु जागरुकता कार्यक्रम भी संचालित किए. अब इस मंच के जरिए दूरदराज बैठे अपने पाठ्कों को उपभोक्ता मामलों से जुड़े न्याय निर्णयन से अवगत कराना और उनकी समस्याओं का समाधान करना ही लक्ष्य है. वकालत के पेशे से जुड़े तमाम लोग इस पुनीत कार्य में बिना किसी स्वार्थ के आपके साथ हैं EMail ID- ravi_sriv@rediffmail.com, EMail ID- enquiry@consumerforumonline.in

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